देवों के आचार्य, देवशिल्पी और शिल्पकला के सृजनहार हैं भगवान विश्वकर्मा

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सुजीत वर्मा

मथुरा 18 सितम्बर 2020

स्वर्णकार जनजागृति एसोसिएशन द्वारा मथुरा स्थित एक होटल में भगवान विश्वकर्मा पूजा दिवस महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चारणों के मध्य भगवान विश्वकर्मा जी का पूजन ,अभिषेक व हवन संपन्न हुआ।

युवा समाज सेवी सुजीत वर्मा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा एक महान शिल्पकार थे। उनका जन्मदिन विशेषरूप से शिल्पियों और अभियन्ताओं के लिये महत्व रखता है, क्योंकि देश के सर्वांगीण विकास में शिल्पकारों का बहुत बड़ा योगदान है। शिल्पकार अपने श्रम और कौशल से देश व समाज के नव निर्माण में अपनी अहम् भूमिका का हमेशा निर्वहन करते रहे हैं। भगवान विश्वकर्मा का जीवन हम सबको सृजन के मार्ग पर चलने का संदेश देता है।

अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष नवीन सौनी ने कहा कि कहा कि भगवान विश्वकर्मा को विश्व का निर्माता और देवताओं का वास्तुकार माना गया है। संसार के प्रथम वास्तुकार की संज्ञा भी उन्हें दी गई है। श्रम से सृजन की सार्थकता को विश्वकर्मा ने ही समाज में स्थापित किया। समाज का सुव्यवस्थित, सुरक्षित स्वरूप विश्वकर्मा की ही देन है।

कार्यक्रम संयोजक सौरभ वर्मा ने भगवान विश्वकर्मा जयन्ती 17 सितम्बर को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की ।

कार्यक्रम में युवा समाज सेवी सुजीत वर्मा, अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष नवीन सौनी, जिला मीडिया प्रभारी पिंटू सौनी, ओमप्रकाश वर्मा पलसों वाले, भगवती वर्मा, मुकेश वर्मा, घनश्याम सौनी, विनीत सौनी, आशीष वर्मा सहित समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी का आभार व्यक्त कार्यक्रम संयोजक सौरभ वर्मा ने किया।

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