भ्रमण द्वारा ज्ञान दर्शन, मथुरा ज्ञानदीप के विद्यार्थियों द्वारा शैक्षिक भ्रमण

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भ्रमण द्वारा ज्ञान दर्शन मथुरा ज्ञानदीप के विद्यार्थियों द्वारा शैक्षिक भ्रमण
   ज्ञानदीप शिक्षा भारती के स्थापना  वर्ष सन 1969 से प्रारंभ 'भ्रमण द्वारा ज्ञान दर्शन ' योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं ने राजस्थान के धार्मिक ऐतिहासिक एवं पुरातत्त्व  महत्व  के स्थलों का भ्रमण कर राजस्थान के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा प्राप्त की |
    ज्ञानदीप के 90 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक- शिक्षिकाओ के  दल ने 8 एवं 9 अक्टूबर दो दिवसीय जयपुर शैक्षिक भ्रमण पर गए। विद्यार्थियों ने इस यात्रा के माध्यम से राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, स्थापत्य कला, विज्ञान, प्राकृतिक संपदा एवं समृद्ध लोक संस्कृति को समझने का अवसर प्राप्त किया।
    यात्रा के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने जंतर-मंतर का भ्रमण किया। यहाँ विशेषज्ञ गाइड ने विभिन्न खगोलीय यंत्रों की कार्यप्रणाली एवं उनके वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी। वर्ष 1728 में निर्मित इस वेधशाला ने विद्यार्थियों को भारतीय वैज्ञानिक परंपरा और प्राचीन खगोल विज्ञान से परिचित कराया। इसके बाद विद्यार्थियों ने जयपुर की विश्वप्रसिद्ध स्थापत्य धरोहर हवा महल का अवलोकन किया तथा आमेर किले का भ्रमण किया। गाइड के माध्यम से विद्यार्थियों ने किले के इतिहास, वास्तुकला और राजस्थानी शौर्य की गाथाओं को जाना।
    आमेर किले के भ्रमण के साथ ऐतिहासिक धरोहरों को देखने, सुनने और समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे उन्होंने प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से इतिहास को जानने का आनंद लिया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने नाहरगढ़ प्राणी उद्यान का भ्रमण किया और विभिन्न वन्यजीवों के विषय में जानकारी प्राप्त की।
    यात्रा के अगले चरण में विद्यार्थियों ने जल महल के मनोहारी दृश्य का आनंद लिया तथा जयपुर के विशाल मॉल का भ्रमण किया। यात्रा का विशेष आकर्षण चोखी ढाणी रहा, जहाँ विद्यार्थियों ने राजस्थान की पारंपरिक जीवनशैली, लोक संस्कृति, रंग-बिरंगी कलाओं, लोक मनोरंजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अनुभव किया। यहाँ विद्यार्थियों ने राजस्थानी अंदाज में परोसे गए पारंपरिक भोजन का भी आनंद लिया।
    इस शैक्षिक यात्रा का उद्देश्य केवल पर्यटन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना था। ऐतिहासिक स्मारकों, वैज्ञानिक उपकरणों, प्राकृतिक परिवेश एवं लोक संस्कृति के अवलोकन से विद्यार्थियों के ज्ञान, जिज्ञासा और अनुभवों में वृद्धि हुई। साथ ही, सामूहिक यात्रा ने उनमें अनुशासन, सहयोग, आत्मनिर्भरता और सामाजिक व्यवहार जैसे जीवन कौशलों को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
   विद्यालय के संस्थापक सचिव पद्मश्री श्री मोहन स्वरूप भाटिया के में ज्ञानदीप शिक्षा भारती सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आनंदमय शिक्षा और अनुभव आधारित को प्रोत्साहित करता रहा है। विद्यालय की यह शैक्षिक यात्रा इसी उद्देश्य की सार्थक अभिव्यक्ति रही।
   दो दिवसीय यात्रा के सफल समापन पर सभी विद्यार्थी उत्साहपूर्ण एवं सुखद स्मृतियों के साथ मथुरा लौटे। यह भ्रमण उनके लिए ज्ञान, मनोरंजन और सांस्कृतिक अनुभवों से परिपूर्ण एक यादगार अवसर सिद्ध हुआ।
 यह जयपुर यात्रा विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, आनंददायक और यादगार अनुभव रही। ऐतिहासिक स्थलों के अवलोकन, वैज्ञानिक जानकारी, प्राकृतिक परिवेश और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने कक्षा से बाहर सीखने का महत्व समझा। यात्रा ने उनके ज्ञान के दायरे को विस्तृत करने के साथ-साथ मित्रता, सहयोग और आत्मनिर्भरता की भावना को भी प्रोत्साहित किया। यात्रा संयोजक थे अक्ष भाटिया |
  ज्ञान दीप शिक्षा भारती का उद्देश्य — कक्षा से परे सीखना, अनुभवों से आगे बढ़ना और जीवनभर संजोने वाली यादें बनाना।
शैक्षिक यात्रा दल के विद्यालय आगमन पर संस्थापक सचिव मोहन स्वरूप भाटिया ने यात्रा दल का स्वागत किया| 

(मोहन स्वरूप भाटिया)                                   

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