सिंधी समाज ने मनाया अपने ईष्टदेव भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव

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राम खत्री/किशोर इसरानी। मथुरा 21 मार्च 2026

सिंधी उत्सव चेटीचण्ड पर्व के अंतर्गत सिंधी जनरल पंचायत ने वरूणावतार भगवान झूलेलाल का 1076 वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया।

मीडिया प्रभारी किशोर इसरानी ने बताया कि सिंधी एकता की प्रतीक सिंधी जनरल पंचायत ने बिगड़े मौसम को देखते हुए शहर में निकलने वाली झूलेलाल शोभायात्रा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थागित करते हुए होली गेट स्थित अप्सरा पैलेस में वरूणावतार की अमर ज्योत के दर्शन तथा सामुहिक सजातीय भण्डारा का ही आयोजन किया गया।

इस मौके पर सिंधी पंडित मोहनलाल महाराज ने झूलेलाल की अमर ज्योत प्रज्जवलित की, तदोपरांत सभी सिंधीजनों ने आयोलाल झूलेलाल के जयकारों से वातावरण गुंजायमान किया। बच्चे, युवा तथा सभी नर नारियों ने वरूणावतार भगवान झूलेलाल की अमर ज्योत के श्रद्धापूर्वक दर्शन किए। चेटीचण्ड पर्व की विशेष रौनक होली गेट स्थित अप्सरा पैलेस में दिखी। सिंधी समुदाय ने अपने इष्टदेव के जन्मोत्सव पर अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर, सपरिवार भागीदारी की। अप्सरा पैलेस में सामुहिक सजातीय भण्डारा प्राप्तकर आयोलाल-झूलेलाल की मस्ती में हर कोई डूब गया। 

कार्यक्रम उपरांत मुख्य संयोजक रामचंद्र खत्री के नेतृत्व भगवान झूलेलाल की ज्योत को नाचते गाते बंगाली घाट तक ले गए। इस मौके पर सिंधी समुदाय की प्रसिद्व डंडेशाही का आकर्षक खास था, जिसमें डोल नफीरी की खनक के साथ नाचते नौजवानों की लय कदम ताल तथा डण्डों की खनक का रोमांचकारी प्रदर्शन दर्शनीय था। सभी ने डंडेशाही में करतब दिखाते युवकों की सराहना की। इसमें सिंधी जनरल पंचायत के वरिष्ठ व वयोवृद्व कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी के सदस्य बहुसंख्या में चल रहे थे। बच्चों और महिलाओं का उत्साह देखते ही न रहा था। सिंधी समुदाय के सबसे बडे पर्व चेटीचण्ड झूलेलाल जयंती के अवसर पर तमाम लोगों ने अपने घरों में भी रोशनी की । सुबह से देर शाम तक निरंतर समाज के लोगों का उत्साह बना रहा, झूलेलाल जन्मोत्सव की समाप्ति अमर ज्योत के यमुना मे विसर्जन के साथ हुई।

सिंधी जनरल पंचायत के अध्यक्ष नारायण दास लखवानी ने कहा कि बिगड़े मौसम के वावजूद सिंधीजनों ने अपने उत्साह को बरकरार रखते हुए, स्वयं को राष्ट्रीय धारा के साथ जोड़कर अपनी संस्कृति और सभ्यता एवं सिंधी बोली को कायम रखने में जो योगदान दिया है इसके लिए सभी धन्यवाद के पात्र हैं।

इस मौके पर सिंधी जनरल पंचायत के अध्यक्ष नारायणदास लखवानी, मुख्य संयोजक रामचंद्र खत्री, महामंत्री बसंतलाल मंगलानी, तुलसीदास गंगवानी, जीवतराम चन्दानी, डा. प्रदीप उकरानी, कन्हैयालाल भाईजी, गुरुमुखदास गंगवानी, सुरेशचन्द मेठवानी, जितेन्द्र लालवानी, भगवान दास मंगवानी बेबूभाई, रमेश नाथानी, जितेन्द्र भाटिया, पीताम्बरदास रोहेरा, झामनदास नाथानी, चन्दनलाल आडवानी, सुदामालाल खत्री, हरीश चावला, अशोक अंदानी, गिरधारी नाथानी, अनिता चावला, महेश घावरी, कन्हैयालाल खत्री एडवोकेट, सुरेश मनसुखानी, विष्णु हेमानी, अनिल मंगलानी, मिर्चु कोतकवानी, तरुण लखवानी, मन्नू मंगलानी, लक्ष्मणदास वाधवानी, अशोक डाबरा, अमित आसवानी, विशनदास आदि ने सभी को नवसंवत्सर की बधाई प्रेषित की।

ज्योत कराती है भगवान झूलेलाल की मौजूदगी का एहसास

वरूणावतार भगवान झूलेलाल हीं एकमात्र ऐसे अवतार जिन्होंने पापियों का संहार नहीं किया बल्कि उनका हदय परिवर्तन कर उन्हें प्रेम शांति साम्प्रदायिक सद्भाव, एकता व अखण्डता का संदेश दिया। भगवान झूलेलाल के जीवन पर शोध कर चुके लेखक किशोर इसरानी ने बताया कि अवतरण के बाद भगवान झूलेलाल ने मात्र 13 वर्ष तक की उम्र तक ही सिंधी समुदाय का मार्गदर्शन किया। संवत् 1007 (सन् 951ई) को जन्में वरूणावतार झूलेलाल संवत् 1020 (सन् 964 ई) के भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी पर जल समाधि लेकर अंतर्धान हो गए। आज भी लाल साई की ज्योति जलती रहती है जो भगवान झूलेलाल की मौजूदगी का एहसास कराती है।

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