बृज मंडल में श्री राधा अष्टमी की धूम

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योगेश खत्री टीटीआई न्यूज़

मथुरा 31 अगस्त 2025

बृज मंडल में अखिल ब्रह्मांड नायक योगेश्वर श्री कृष्ण की अनन्य प्रेयसी, आल्हादिनी शक्ति श्री राधा जी का जन्मोत्सव बड़े श्रद्धाभाव के साथ मनाया जा रहा है। मध्य रात्रि 2 बजे से हुई भारी वर्षा के बावजूद श्री राधाष्टमी पर बृज के विभिन्न मंदिरों विशेष आयोजन हो रहे हैं। बरसाना के श्रीजी मंदिर में श्री राधाष्टमी विशेष उल्लास के साथ मनाई जा रही है। श्री राधा रानी की जन्मस्थली जमुनापार के रावल गांव में लगे मेले में भारी भीड़ उमड़ रही है, मथुरा के डोरी बाजार स्थित गोपीनाथ मंदिर में अभिषेक और श्रृंगार आदि के आयोजन हुए, वृंदावन में भव्य शोभायात्रा और टटिया स्थान पर चतुर्वेदी समाज के लोगों का उत्साह चरम पर है। 
मथुरा के बरसाना स्थित श्रीजी मंदिर में बृज की अधिष्ठात्री देवी राधारानी का जन्मोत्सव मुख्य रूप से मनाया जा रहा है। राधारानी का जन्म होते ही मंदिर में ढोल-नगाड़े बजने लगे और राधारानी की जय-जयकार करते श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए, नंदगांव के लोग बरसानावासियों को बधाई देने के लिए ताँता लग गया। जिला प्रशासन की व्यवस्थाएं चाक चौबंद हैं। देश-विदेश से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालु बरसाना पहुंचे हुए हैं। इस अवसर पर श्री राधा की नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया है, सारी रात महारास और सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन कीर्तन हुए। प्रातः 04 बजे ब्रज की अधिष्ठात्री देवी के प्राकट्य उत्सव में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और श्री राधारानी के दर्शन किए, इसके बाद राधा जी का अभिषेक किया गया, फिर श्रृंगार और फिर महाआरती की गई। आरती के बाद नंदगांव और बरसाना के दोनों जगहों के लोगों ने एक-दूसरे को श्री राधा जी के जन्म की बधाई दी, भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य प्रेयसी श्री राधा जी के जन्मोत्सव में शामिल होकर हर कोई अपने आप को सौभाग्यशाली समझता है, कहा जाता है कि श्री राधा रानी जी के जन्म उत्सव मनाने वाले के संकट क्षणभर में कट जाते हैं, राधा रानी और कृष्ण के प्रेम की समूचे विश्व में मिसाल दी जाती है, कहा जाता है कि श्री राधा रानी जी का जन्मोत्सव देखने के लिए स्वर्ग से देवता भी पृथ्वी पर आते हैं, मथुरा से 50 किलोमीटर दूर स्थित है बरसाना, जहां प्राचीन श्री जी मंदिर स्थापित है, यह मंदिर बरसाना की पहाड़ी पहाड़ी पर स्थित है, मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का श्रद्धालु आनंद ले रहे थे, हर कोई राधा रानी की भक्ति से ओतप्रोत था। 
मथुरा के जमुनापार का रावल गांव श्री राधा रानी की जन्मस्थली है, बरसाना में नहीं, रावल में जन्मी थीं राधा जी। श्री राधा जी की वास्तविक जन्मस्थली रावल, जहां वे साढ़े 11 वर्ष तक रहीं। बरसाना श्री राधा रानी की जन्मस्थली नहीं, ननसार है और ननिहाल में नातिनी के जन्म की धूम भला क्यों नहीं मचेगी?

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