के.डी. मेडिकल कालेज छात्र-छात्राओं के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास को प्रतिबद्ध
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एमबीबीएस 2020 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों को बताया अनुशासन का महत्व
मथुरा 2 फरवरी 2021
छात्र-छात्राएं अच्छे वातावरण में शिक्षा ग्रहण कर समाज के सामने आदर्श स्थापित करते हुए अपने माता-पिता का नाम रोशन करें। के.डी. मेडिकल कालेज शिक्षा के साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास को प्रतिबद्ध है उक्त सारगर्भित उद्गार सोमवार को के.डी. मेडिकल कालेज में 2020 के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में कालेज कि निदेशक एकेडमिक एण्ड रिसर्च डॉ. अशोक कुमार धनविजय ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारम्भ डीन डॉ. रामकुमार अशोका, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र कुमार, एडिशनल डीन डॉ. जे.के. शर्मा द्वारा विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया।
ओरिएंटेशन प्रोग्राम में डॉ. धनविजय ने छात्र-छात्राओं तथा अभिभावकों को आर.के. एज्यूकेशन हब द्वारा संचालित सभी कालेजों की जानकारी दी। इस अवसर पर आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे मेहनत और लगन से शिक्षा ग्रहण कर कुशल चिकित्सक बन समाज में नजीर स्थापित करें, इससे आपके माता-पिता अपने आपको गौरवान्वित महसूस करेंगे। कालेज के डीन डॉ. रामकुमार अशोका ने अपने उद्बोधन में कहा कि मेडिकल पाठ्क्रम में काफी बदलाव हुए हैं। आवश्यक बदलावों के सफल क्रियान्वयन को के.डी. मेडिकल कालेज पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। डॉ. अशोका ने कहा कि काबिल डॉक्टर बनने में अनुशासन, संस्कार और सम्मान का विशेष महत्व है।
डॉ. अशोका ने कालेज के संस्थापक और आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. अशोका ने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को कालेज की उपलब्धियों की भी जानकारी दी। उन्होंने एमबीबीएस के विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज की स्किल लैब, सुव्यवस्थित ई-लाइब्रेरी एवं मेडिकल एज्यूकेशन यूनिट के बारे में भी बताया। डॉ. अशोका ने कहा कि एक डॉक्टर बनना काफी नहीं बल्कि एक काबिल डॉक्टर बनना महत्वपूर्ण है। जो मरीज का हमदर्द और अच्छा दोस्त होता है।
डॉ. अशोका ने अभिभावकों से आग्रह किया कि एमबीबीएस में दाखिला दिलाना ही उनका एकमात्र उद्देश्य नहीं होना चाहिए। वह समय-समय पर अपने बच्चे की गतिविधियों की जानकारी अवश्य लेते रहें। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र कुमार ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों का आभार माना तथा नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वह स्वयं में सेवाभाव पैदा करें ताकि कुशल डॉक्टर बनकर समाज का कल्याण करने में अपना अमूल्य योगदान दे सकें। कार्यक्रम के अंत में डॉ. सैयद हुसैन जैदी ने सभी छात्र-छात्राओं को चिकित्सकीय सेवाभाव की शपथ दिलाई। इस अवसर पर सभी विभागाध्यक्ष और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। ओरिएंटेशन कार्यक्रम का संचालन डॉ. गगनदीप कौर, एसोसिएट प्रोफेसर कम्युनिटी मेडिसिन के निर्देशन में 2017 बैच के छात्र दीप्तांशु चोपड़ा और छात्रा मनस्वी चतुर्वेदी ने किया।



