सच्चा और प्रासंगिक फिल्मी गीत- आदमी मुसाफ़िर है, आता है, जाता है, आते-जाते रस्ते में, यादें छोड़ जाता है!
बंसीवारा क्या करता? स्पष्ट करता शेर- ज़हर देता तो नज़र में आ गया होता, उसने यूं किया कि वक्त पे दवा न की!
बंसी वारे की सच्ची कहानी- सच्ची प्रार्थना कभी भी नामंजूर नहीं होती, सच्चे राही की मंज़िल, कभी दूर नहीं होती!
जज करते परीक्षण, प्रभु लेते कड़ी से कड़ी, बड़ी से बड़ी परीक्षा, मगर सच्चे भक्त को अनुत्तीर्ण भी नहीं होने देते
भले फिल्मी है मगर इसमें कुछ भी ग़लत नहीं, पूर्ण रूपेण सच्चा गीत- मैं नहीं कहता, बुजुर्गों ने कहा है, जो कहा है,
वो भी कितना सच कहा है? थककर रुक जाना, जिन्हें मंज़ूर नहीं है, उनके लिए कोई भी मंज़िल दूर नहीं है!
कहने वाले कब के कह गए- "तुम बेसहारा हो तो किसी का सहारा बनो, तुमको अपने आप ही सहारा मिल जाएगा!"
भजन- दूसरों का दुखड़ा दूर करने वाले, तेरी सब पीर हरेंगे राम, पोंछ ले तू अपने आंसू तमाम, तेरी हर पीर हरेंगे राम
भजन सम्राट स्वर्गीय श्री विनोद अग्रवाल द्वारा गाया गया भजन- मैं जिसका ज़िक्र करता हूं, वो मेरी फ़िक्र करता है
सच्ची प्रार्थना मंज़ूर होती है, जो सच्चे भक्त प्रभु से प्रार्थना तक नहीं कर पाते, उनकी हर मनोकामना पूर्ण होती है
प्रार्थना करो राजा, रंक, फ़कीर या अन्य प्राणी, और कोई, मगर जन कल्याण का होता जिसमें भाव, पूर्ण होती सोई!
आदमी चाहे तो तक़दीर बदल सकता है, पूरी दुनिया की वो तक़दीर बदल सकता है, आदमी सोच तो ले, उसका इरादा क्या है?
यह फिल्मी गीत बिल्कुल सच्चा है मगर यह सच्चे लोगों पर ही सटीक बैठता है, झूठों के इरादे कभी मंज़ूर नहीं होते!
सत्य है कि नसीब में जो लिखा होता है, वही होता है मगर यह भी सत्य है कि परिश्रमी इंसान नसीब बदल सकता है
नरेंद्र मोदी में जरा सी भी नैतिकता है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बोले राहुल गांधी
बंसीवारा गा रहा ग़ज़ल- कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे, मैं उतना याद आऊंगा, मुझे जितना भुलाओगे!
कोई भी यह मत कहना कभी, बंसीवारा इंसाफ़ नहीं करता, झटके देने पर भी जो नहीं सुधरते, उनको माफ़ नहीं करता!
बंसीवारा तीन लोक का तारणहार, किसी को डुबोता नहीं है, कोई गर डूबना ही चाहे तो किसी क़ीमत पर छोड़ता नहीं है!
खुद बंसीवारा कहता डंके की चोट पर, 100 सांप खड़े हों, वहां से निकल जाना, बंसीवारे की ओर भूल से मत जाना!
बंसी वारों के लुटेरों का दिन कटता, न कटती रैन, रात में करते घात, दिन में मिलती मात, लुटेरों से पूछो सच्ची बात
बंसी वारे से खेलने की कोई कुचेष्टा न करे, बंसीवारा ऐसे घाट पर ले जाकर मारता है, पानी भी नसीब नहीं होता है
अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय मगर 100% सच्ची, बंसी वारे की सच्ची कहानी, बंसीवारा कहता खुद अपनी ज़ुबानी!
बंसीवारे को बंसीवारा सुना रहा गाना- क़ातिल मेरी नज़रों से बच के कहां जाएंगे, अपने ही जाल में शिकारी फंस जाएंगे!
बंसीवारा पहले ही आ चुका, गजानन अब आ गए, चातुर्मास में सर्व देवी-देवता बृज में विद्यमान, शनि चल रहे वक्री चाल
सब मिलकर श्री कृष्ण नगरी के लुटेरों की खींच रहे खाल, संरक्षकों की नाक में डाल रखी नकेल, काटो तो खून नहीं!
अगर मन में सच्ची श्रद्धा न हो और छल-कपट भरा हो तो कभी पूजा मत करना, ऐसी पूजा का उल्टा ही फल मिलना!
आ गए विघ्न विनाशक मंगल मूर्ति भगवान श्री गणेश, अद्भुत सनातन संस्कृति- "मातृ-पितृ भक्त प्रथम पूज्य!"
वाणी बता देती है पानी कैसा है? बुद्धि बता देती है दूध कैसा है? शब्द बता देते हैं, बंसीवारे के हैं या बंसीवारा बोलता है?
रो-रो कर कहता है, श्री गिरिराज पर्वत, मां यमुना का पानी,
श्री कृष्ण नगरी पाकर भी पापियों ने कदर न इसकी जानी!
'मथुरा' मूलतः "मधुरा" है, जिसका एक नाम "मधुपुरी" भी है, मधु का अर्थ है- शहद, कुछ ज़हरीले यहां ज़हर घोल रहे हैं!
पाप की कमाई चाहे जिस पर चढ़ा देना, पुण्य नहीं मिल सकता, भूखे को खिलाओगे, तब भी दुआ नहीं मिलेगी!
कुकर्मों के कारण बंसी वारे ने किए चौपट जिनके कार्य, व्यवसाय और उद्योग, श्री कृष्ण नगरी में उनके गलीच धंधे
मैंने कर्म का संदेश दिया है, तुम कुकर्म कराओ या करो सुकर्म, यह तुम्हारी मर्जी, जैसा कर्म, वैसा फल, मेरा फ़र्ज़!
दुनिया में जाकर चाहे जितने थाईलैंड बसाओ, मैं करूंगा फंड अलॉट, मेरी मथुरा को थाईलैंड मत बनाओ- बंसीवारा
बंसी वारे को दे रहा आज का विचार बंसीवारा- नेकी की कमाई ही फलती-फूलती, पाप की कमाई बुरी तरह फूटती है
बंसीवारा किसी को झूठा आश्वासन नहीं देता है, क्या है, जो बंसीवारा नहीं कर सकता है? पल में झोलियां भर देता है!
किसके झोले में क्या भरा? बंसी वारे को सब पता, सिर्फ भरता ही नहीं बंसीवारा, पल में झोले खाली भी कर देता है!
योगी सरकार से बोलना थैंक्स, बंसी वारे से बोला बंसीवारा, मथुरा में कुकर्मों के खुलासे पर जता रहा आभार बंसीवारा!
अरे वाह, बंसी वारा थैंक्स भी बोलता है? बंसीवारा क्या नहीं बोलता है? सब कुछ वही बोलता है, सब में 'वही' बोलता है!
पूर्ण सत्य कि सब के अंदर बोलता "बंसीवारा" मगर लीला कुछ ऐसी रचाता, जिसे सुनाना चाहता, बस वही सुन पाता!
चल अब तू यह बता कि थैंक्स के अलावा और क्या बोला बंसीवारा, बोला- मेरी भूमि से पापियों को जड़ से उखाड़ दो!
फिर मुझसे चाहे जो उपहार ले लो, जब सम्मान करता हूं तो स्वाभिमान नहीं गिरने नहीं देता, अभिमान नहीं रहने देता हूं!
क्योंकि मैं जिसे अपना मान लेता हूं, उसके पास जो होता है, वह अभिमान मेरा भोजन, मैं अभिमान का भक्षण करता हूं!
आज का बेहद प्रासंगिक फिल्मी गीत- नाच मेरी बुलबुल कि पैसा मिलेगा, कहां कदर दान, हमें ऐसा मिलेगा?
मथुरा के मदारियों का यह तो सिर्फ एक छोटा सा खेल, श्री कृष्ण नगरी में सफ़ेदपोश कंसों के खुलने बड़े घिनौने खेल
टीटीआई न्यूज़ की ख़बर पर आई टिप्पणी ने कर दिया पूरा खुलासा, स्पष्ट दिया बता स्पा सेंटर भवन का मालिक कौन?
थोड़ी देर में हट गई टिप्पणी, हटवाने में कितने पापड़ पड़े होंगे बेलने, किसने होगी हटवाई, बताओ नहीं जानता कौन?
सफ़ेदपोश की धरी रह गई सारी धमा-चौकड़ी, अब नज़र नहीं आएगी देखना हेकड़ी, पाप का हो गया पर्दाफाश!
श्री कृष्ण नगरी में स्पा सेंटर्स की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़ सिर्फ एक झांकी, पूरी की पूरी पिक्चर अभी बाक़ी
कहत हरिदास, हरि कौ सब ऐसौ ही खेल, यौं पंछिन में ढेल, एक कंकड़ी के गिरते ही दाना चुगते सारे पंछी उड़ जाते हैं!
सत्य- श्री कृष्ण नगरी के नामी-गिरामी सफ़ेदपोश परिवार की हरि ने हर ली थी मति, तभी तो खुद चुनी अपनी दुर्गति
भले पुलिस ने अभी यह खुलासा नहीं किया कि किसके संरक्षण में फल-फूल रहा था स्पा सेंटर्स में देह व्यापार?
मगर नगर के सफाई कर्मचारियों तक को पता कि श्री कृष्ण नगरी को थाईलैंड का स्वरूप प्रदान करना चाहते कौन?
बिहार की जनता में गूंज रहा सिर्फ एक ही नारा- वोट चोर गद्दी छोड़, कह रही राज्य के साथ केंद्र सरकार भी बदलेगी
बिहार चुनाव से पूर्व बैकफुट पर सरकार, जीएसटी के 12 व 28% वाले सिलेब्स खत्म, अब सिर्फ 5 व 18% वाले लागू
निजता की सुरक्षा की अब और नहीं गारंटी, इनकम टैक्स ऑफिसर भी चेक कर रहे आपकी व्हाट्सएप चैट/ईमेल!
जो सार्वजनिक पदों पर बैठे हैं, उनका कुछ भी सार्वजनिक नहीं, जिनका जीवन खुली किताब, ख़तरे में उनकी निजता?
लुटेरों का निडर होकर विरोध करें, आपके साथ, आपके अंदर नज़र न आए बंसीवारा तो बंसीवारे से बात कर लेना!
श्रद्धालुओं से अपील- मंदिरों में रहने वाले लुटेरों का एकजुट होकर डटकर पुरजोर विरोध करें, उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकें!
बंसीवारे के साथ गर बंसीवारा न होता, डुबो देती यमुना मैया, आसपास, कहीं कोई, तिनके का सहारा न होता!
बंसी वारे के साथ गर बंसीवारा न होता, चेन स्नेचिंग का भांडा न तत्काल फूटता, कैमरे में क़ैद पूरा नज़ारा न होता!
श्री कृष्ण को मारने के क्रूर कंस ने किए कितने प्रबंध, रह गए सब धरे, अंततोगत्वा मार-मार लट्ठन झूर कर डाला!
देश/देशवासियों को लूटने/लुटवाने वाले गद्दारों के विदेशों में ठिकाने, जब चाहे, झोला लेकर चल पड़ते, अरबों की संपत्ति
आज का भजन- कलयुग है कर्मों का युग, जो जैसा खेल रचाएगा, अपने कर्मों का फल प्राणी, जग में वैसा पाएगा
पैरोडी गीत- पर्दा नहीं जब कोई प्रभु से, भक्तों से पर्दा करना क्या, चोरी/उठाईगीरी/लूट का ठेका उठाया तो डरना क्या?
जब चोर हो तो गर्व से कहो कि मैं चोर हूं, अगर लुटेरे हो तो लिखकर घूमो मैं लुटेरा हूं, डकैत हो तो डकैतों की तरह रहो
बिहार में बह रही बदलाव की बयार, राहुल-तेजस्वी की वोट अधिकार यात्रा में बिन बुलाए बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग
वक्त बदलने में वक्त नहीं लगता, जिस सदन में पहुंचते ही लगते थे मोदी-मोदी के नारे, "वोट चोर गद्दी छोड़" से गूंजा
सच्ची कहानी- श्री कृष्ण नगरी के मंदिरों में लगती लुटेरों की ड्यूटी, लुटेरों और लूट पर सरकारी कर्मचारी रखते नज़र!
सोने का 1 चेन नहीं बरामद करा सके, लुटवा डाले जिन्होंने श्रद्धालु असंख्य, ऐसे लुटेरों को ओढ़े या बिछाए जनता?
आज का महा सत्य विचार- पाप की कमाई जहां कहीं भी बोओगे, पुण्य नहीं पैदा होगा, पाप ही उगेगा, काटना पड़ेगा
हिंदुओं ने बड़े अरमानों से चुना था उन्हें, जिन्होंने बताया खुद को हिंदूवादी, जमकर लुटवाया, अरमानों पर फेरा पानी
राष्ट्र द्रोह तो राष्ट्रद्रोह ही रहेगा, सरकारों के कराने से राष्ट्र धर्म नहीं हो जाएगा, अरबों-खरबों की, पाप की कमाई का मोह!
लूट के ठेके चलवा रहे हो तो लूट के ठेकों के ही साइन बोर्ड लगवाओ, "जेबकटों से सावधान" क्यों लिखवा रखा है?
आज का विचार- जो आसमान में उड़ रहे हैं, उनके पिछले पुण्य कर्म फल हैं, वर्तमान कर्मों के फल झेल नहीं पाएंगे!
वह मानते रहें खुद को राजा/महाराजा, लूट के ठेके उठाने वाले तो लुटेरे ही रहेंगे, इतिहास में भी लुटेरे ही दर्ज होंगे!
आम जनमानस को करना होगा प्रण, श्रद्धालुओं से लूट के ठेके चाहे जिसके हों, चाहे जिसने उठाए हों, चलने नहीं देंगे!
श्री कृष्ण नगरी मथुरा को लगातार किया जा रहा कलंकित, चंद लुटेरों के कारण सारे बृजवासियों को लग रहा कलंक?
देश-प्रदेश में इससे बड़ा ढोंग और क्या हो सकता है, जिन मंदिरों में पीएम/सीएम आते हैं, उनमें लूट के ठेके चलते हैं
वैष्णव को क्षमा कर देना चाहिए, वैष्णव का क्षमादान भी श्राप से बढ़कर होता है- प्रेमानंद जी महाराज
सभी देश-दुनिया वासियों को नंदोत्सव की हार्दिक बधाई, स्वीटी सुपारी एमआर ग्रुप मथुरा निदेशक सुनील अग्रवाल
आज़ाद भारत में आम जनता के साथ इससे बड़ा धोखा और क्या हो सकता है, हिंदुओं को लुटवा रहे हिंदूवादी?
अंग्रेज और मुग़ल तो चले गए, गद्दार भारत की छाती पर आज भी मूंग दल रहे हैं, भारतवासियों को बहुत छल रहे हैं
सच्ची कहानी- हिंदू धर्म स्थलों पर लूट के ठेके, एक-एक जगह का डेढ़-डेढ़, दो-दो करोड़ रुपए महीने का ठेका
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