उत्तर प्रदेश, प्रतापगढ़ : पुलिस की दबिश से सहमे वृद्ध की मौत

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राजीव तिवारी

टीटीआई न्यूज़

प्रतापगढ़ 21 सितंबर 2020

पुलिस की औचक दबिश से सहमे बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। हालाकि पुलिस प्रशासन बुजुर्ग की मौत का कारण हदयगति रुकने से होने का दावा कर रहा है किन्तु ग्रामीण और पारिवारिक सूत्र बुजुर्ग की मौत का कारण पुलिस की पिटाई और प्रायः गांव में हैरान व परेशान करने की स्थिति बताई गई है। 

पुलिस रेड में पैंसठ साल के बुजुर्ग की मौत की जानकारी होते ही जिला पुलिस प्रशासन के होश उड़  गये। आनन-फानन में जिले के एडिशनल एसपी पश्चिमी दिनेश द्विवेदी भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात को नियंत्रण में लेने के लिए ग्रामीणों व परिवारीजनों के साथ घण्टों कड़ी मशक्कत की। घटना जिले के लालगंज कोतवाली के बाबूतारा गांव में शनिवार की देर रात सांगीपुर पुलिस के रेड की कारवाई  को लेकर जुड़ी हुई है।

लालगंज कोतवाली के बाबूतारा गांव में सांगीपुर पुलिस ने हाल ही में सांगीपुर थाना के सिंघनी गांव में चोरी की एक बड़ी वारदात के खुलासे को लेकर मुखबिरी सूचना पर शनिवार की रात भारी भरकम फोर्स के साथ दबिश दी। पुलिस ने दबिश की घण्टों कारवाई में कई घरों में दस्तक दी और कुछ लोगों की पिटाई भी की। दबिश के दौरान गांव के गांव के मकबूल (68) शंकावश कही छिप गया।

इस बीच पुलिस से बचने के लिए मकबूल सहमा रहा। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ देर में पुलिस मकबूल को लेकर उसके दरवाजे पहुंची। आधी रात मकबूल जब पुलिस के साथ अपने दरवाजे पहुंचा तो उसकी हालत काफी खराब दिख रही थी। मकबूल की खराब स्थिति देखकर पुलिस उसे छोड़कर बैरंग थाने वापस लौट गयी।

इस बीच आधे घण्टे के अंदर मकबूल ने दम तोड़ दिया। सांगीपुर पुलिस दबिश के दौरान अपने साथ गांव के एक अधेड़ वासिर तथा एक अन्य को दो बाइकों के साथ थाने उठा ले गयी थी। किन्तु पुलिस को जैसे ही सूचना मिली की गांव में बुजुर्ग मकबूल की मौत हो गयी।

उसने हिरासत में लिये दोनो ग्रामीणों को आनन-फानन में छोड़ दिया। मृतक मकबूल के शरीर पर चोट के निशान होने से ग्रामीणों में उसकी मौत पुलिस की पिटाई से होने की शंका बढ़ा गयी। हालाकि पुलिस का कहना है कि मकबूल पुलिस को देखकर गिर गया। इससे उसे कुछ चोटे आ गयी। मकबूल की मौत की जानकारी होते ही लालगंज कोतवाल राकेश भारती फोर्स के साथ  गांव पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया।

स्थिति तनाव पूर्ण देख सीओ जगमोहन भी गांव पहुंच गये। रविवार की सुबह जिले के अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश द्विवेदी भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को सामान्य बनाया। हालाकि पुलिस ने मृतक के भाई मकसूद अहमद की तहरीर पर हादसें में बुजुर्ग की मौत की प्रथम सूचना दर्ज की है। मृतक के भाई ने दी गयी तहरीर में कहा है कि शनिवार की रात करीब एक बजे सांगीपुर पुलिस उसके भाई मृतक मकबूल के घर पहुंची।

पुलिस को देख मेरा भाई घर के बगल चला गया। कुछ देर में पुलिस मेरे भाई को पकड़ कर दरवाजे पर लाई। तहरीर में कहा गया है कि कुछ ही देर बाद उसके भाई की मौत हो गयी। हालाकि मृतक की पत्नी अतीनुल निशा ने इससे इतर पति की मौत पुलिस की पिटाई होने की रट लगाती देखी गयी। आनन-फानन में पुलिस ने शव का पंचनामा कर पीएम के लिए जिला मुख्यालय भेजवाया।

इधर सूत्रों के मुताबिक जिला अस्पताल में पीएम के समय एक सियासी दल के कुछ समर्थक पहुंच गये और मृतक की मौत का कारण पुलिस की पिटाई होने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। पीएम के समय हंगामे को देख जिला अस्पताल में भी भारी संख्या में फोर्स पहुंच गयी। देर शाम मृतक मकबूल का शव गांव बाबूतारा कड़ी पुलिस सुरक्षा में पहुंचा।

हालांकि शाम होने के कारण परिजनों ने मृतक के कफन की रस्म अगले दिन सोमवार को किये जाने की बात कही। एहतियातन गांव में लालगंज कोतवाल राकेश भारती, उदयपुर एसओ विपिन सिंह तथा संग्रामगढ़ एसओ आशुतोष तिवारी डटे दिखे।

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