उत्तर प्रदेश : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मथुरा द्वारा वृद्ध आश्रम में किया गया विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

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मथुरा 17 सितंबर 2020

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के द्वारा प्रेषित एक्शन प्लान वर्ष 2020-2021 के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मथुरा साधना रानी ठाकुर के निर्देशानुसार दिनांक 15.09.2020 को मध्यान्ह 03:30 बजे से आवासीय वृद्ध आश्रम, ग्राम बरारी, थाना रिफाइनरी, जिला मथुरा में महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों से जागरूक करने हेतु एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कोविड-19 के दृष्टिगत केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए किया गया, जिसकी अध्यक्षता श्रीमती दीक्षा श्री, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मथुरा द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रशिक्षु अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन मनीष कुमार सिंह व  अभिषेक शर्मा, नायब तहसीलदार सदर सतीश कुमार बघेल, कानूनगो रामाश्रय वर्मा, रिसोर्स पर्सन व पराविधिक स्वयं सेवक सतीश चंद्र शर्मा सहित वृद्ध आश्रम के प्रभारी व संस्था में निवासरत महिला व  पुरुष वृद्धजन उपस्थित रहे।

विधिक साक्षरता शिविर का संचालन पराविधिक स्वयंसेवक/ रिसोर्स पर्सन सतीश चंद्र शर्मा द्वारा करते हुए कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला गया तथा कोरोना से बचाव के तरीके व सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने को जागरूक किया गया।

नायब तहसीलदार सदर सतीश कुमार बघेल ने राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित योजनाओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि इस आवासीय वृद्ध आश्रम में निवासरत सभी वृद्धजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अतिशीघ्र इसी आश्रम में एक कैंप का आयोजन किया जाएगा तथा सभी की पेंशन स्वास्थ्य आदि समस्याओं का निदान किया जाएगा। सतीश कुमार बघेल द्वारा गरीब परिवार की बेटियों अथवा ऐसी बच्ची जिनके माता-पिता ना हों, की शादी के लिए सरकार की योजनाओं, समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी विभिन्न योजनाओं, दाखिला खारिज, महिलाओं के अधिकार, तहसील स्तर से संचालित विभिन्न बीमा योजनाओं, जमीदारी उन्मूलन अधिनियम आदि के संबंध में विस्तार पूर्वक बताते हुए शासकीय स्तर से तथा अन्य स्तर से हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।

प्रशिक्षु अपर सिविल जज जूनियर डिविजन मनीष कुमार सिंह द्वारा भारतीय संविधान में महिलाओं के अधिकार, घरेलू हिंसा, दहेज हत्या आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए विवाह व तलाक, भरण-पोषण, राशन व संपत्ति में अधिकार, शिक्षा में महिलाओं व बच्चों का अधिकार तथा इन अधिकारों को किस प्रकार से प्राप्त किया जा सकता है के संबंध में जानकारी दी गई।

प्रशिक्षु अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन अभिषेक शर्मा द्वारा गिरफ्तारी के समय व गिरफ्तारी के बाद महिलाओं के अधिकारों, जमानत तथा पुलिस हिरासत में महिलाओं के अधिकार, जमानतीय व अजमानतीय अपराध क्या-क्या है, व इनमें महिलाओं के क्या अधिकार हैं, महिलाओं की गिरफ्तारी का समय तथा किसके द्वारा की जा सकती है, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं आदि के संबंध में बताया गया।

 

विधिक साक्षरता शिविर की अध्यक्षता करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मथुरा श्रीमती रिचा श्री द्वारा बताया गया कि संविधान ने वृद्ध जनों को कानूनी अधिकार दिए हैं साथ ही सरकार एवं समाज का भी दायित्व है कि हम उन्हें पूरा सम्मान एवं उनके अधिकारों का संरक्षण करें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मथुरा वृद्धजनों के सदैव साथ है, वृद्ध जीवन अनुभवों का खजाना है जिसे सहेज कर रखना हर समाज एवं संस्कृति का धर्म एवं नैतिक कर्तव्य है। संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को वृद्धजनों को दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वृद्धावस्था जीवन का अनिवार्य सत्य है, जो आज युवा है वह कल वृद्ध भी होगा। लेकिन समस्या की शुरुआत तब होती है जब युवा पीढ़ी अपने बुजुर्गों को उपेक्षा की निगाह से देखने लगती है और उन्हें अपने बुढ़ापे और अकेलेपन से लड़ने के लिए असहाय छोड़ देती है। आज वृद्धों को अकेलापन, परिवार के सदस्यों द्वारा उपेक्षा, तिरस्कार, घर से निकाले जाने का भय या एक छत की तलाश में इधर-उधर भटकने का गम, हरदम सताता रहता है। वृद्धों को लेकर जो गंभीर समस्याएं आज पैदा हो रही हैं वह अचानक ही नहीं हुई, बल्कि उपभोक्तावादी संस्कृति तथा बदलते सामाजिक मूल्यों, नई पीढ़ी की सोच में परिवर्तन आने के का हुआ है।

सचिव श्रीमती दीक्षा श्री द्वारा उपस्थित महिलाओं को उनके स्वास्थ्य संबंधी कानून पर प्रकाश डालते हुए, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, लोक अदालत, मध्यस्थता केंद्र, राज्य व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्य व निःशुल्क प्रदान की जा रहीं विधिक सेवाएं, राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्य तथा इन सेवाओं को पाने के लिए पात्र व्यक्ति कौन हैं, के संबंध में बताते हुए महिलाओं के अपने माता-पिता की संपत्ति में अधिकारों से संबंधित उच्च न्यायालय की नवीनतम विधि व्यवस्था विनीता शर्मा बनाम राकेश शर्मा में माननीय उच्च न्यायालय के अभिमत के बारे में बताया गया।

आवासीय वृद्ध आश्रम के संचालक श्री हरदेश द्वारा आश्रम के संबंध में जानकारी दी गई तथा समस्त वृद्धजनों की पूर्ण मदद करने को कहा गया।

कार्यक्रम के अंत में पराविधिक स्वयंसेवक सतीश चंद्र शर्मा द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों, वरिष्ठ नागरिकों व आम जनमानस का आभार व्यक्त किया गया।

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