पितृ अमावस्या को गजच्छाया योग में होगा पितरों का विसर्जन

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पितृ अमावस्या को गजच्छाया योग में होगा पितरों का विसर्जन।
ज्ञात व अज्ञात तिथियों वाले पितरों का पितृ अमावस्या को करें श्राद्ध तर्पण। 
श्राद्ध पक्ष की पितृ विसर्जन अमावस्या को ज्ञात अज्ञात तिथियों के पितृों का तर्पण व ब्राह्मण भोजन,दान धर्म करने से पितृ कृपा रुपी अमृत की वर्षा करते हुए अपने पितृलोक को प्रस्थान करते हैं।
यह विचार गोपाल गली स्थित श्री दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के कार्यालय पर संस्थान के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने व्यक्त करते हुए कहा इस वर्ष पितृ विसर्जन अमावस्या को गजच्छाया योग होने के कारण विशेष फलदायी व लाभकारी है इस दिन किए गए दान धर्म ब्राह्मण भोजन का अक्षय पुण्य प्राप्त होगा। गोष्ठी में आचार्य ब्रजेन्द्र नागर व ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक चतुर्वेदी ने कहा कि पितृों के आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति ,समृद्धि ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और जाने अंजाने में होने वाली बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान भी पितरेश्वरों की कृपा से हो जाता है। पितृपक्ष में श्राद्ध तर्पण, ब्राह्मण भोजन दान दक्षिणा का विशेष महत्व माना गया है।
इस अवसर पर आचार्य पंकज चतुर्वेदी, आचार्य शरद चतुर्वेदी, सौरभ शास्त्री ने कहा   श्राद्ध पक्ष में गौग्रास, जलचर, नभचर पक्षियों को भी दाना व जल देने से परिवार में समृद्धि और शांति मिलती है उन्होंने कहा 10 अक्टूबर शनिवार को पितृ विसर्जन अमावस्या को पितरों की स्मृति में सरसों तेल के दीप प्रज्वलित करना अत्यंत लाभकारी रहेगा।
इस अवसर पर, गंगाधर अरोड़ा, हरस्वरुप यादव, नारायण प्रसाद शर्मा,ऋषभ देव, गोविंद देव, मनोज पाठक, मनीष पाठक, निरंजन शास्त्री ने भी विचार व्यक्त किए।
गोष्ठी का संचालन करते हुए पूर्व पार्षद रामदास चतुर्वेदी शास्त्री ने कहा श्राद्ध हमारे ऋषियों की वैदिक कालीन परंपरा है राजा कर्ण ने स्वर्ग से पृथ्वी पर आकर अपने पूर्वजों की आत्मशांति के लिए श्राद्ध तर्पण किया था।
गोष्ठी का समापन सामूहिक कल्याणमंत्र से किया गया।
प्रेषक -- ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक चतुर्वेदी
दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान मथुरा

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