आरोग्यता का सबसे सुंदर तरीका

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  • Health

नई दिल्ली 2 अप्रैल 2021

शरीर को स्वस्थ्य रखने के यूँ तो तमाम तरीके हैं लेकिन किस तरह आसान तरीके से शरीर को आरोग्यता मिल सके, ये चाहत हर किसी की है, लोगों की इसी समस्या को दूर करता है स्वर विज्ञान, जी हाँ स्वर विज्ञान, जिसके जरिये जीवन जीकर लोग न केवल स्वस्थ रह सकते हैं।

बल्कि बहुत हद तक सकारात्मक परिणाम भी प्राप्त कर सकते हैं, वर्तमान में कोविड 19 के प्रकोप से बचने के लिए और शरीर के अंदर इम्युनिटी स्ट्रांग करने में भी स्वर विज्ञान काफी मददगार साबित होगा।

स्वर विज्ञान क्या है। इसकी जानकारी हमें दी इंटरनेशनल पॉवर लिफ्टिंग प्लेयर रहे और वर्तमान में योग कोच दिनेश चतुर्वेदी ने एशिया के बेस्ट कोच की उपाधी से विभूषित रहे योग गुरु दिनेश चतुर्वेदी देश ही नहीं बल्कि यूएई, यूएसए, अफ्रीका दुनियां के तमाम देशों में लोगो को महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग की दीक्षा देकर लोगो को स्वस्थ्य जीवन जीने के  लिए प्रेरित करते है।

योग गुरू दिनेश बताते हैं कि अमेरिका हो या ब्रिटेन यूरोप के तमाम देश के लोग अष्टांग योग के प्रति बेहद रुचि रख रहे हैं और इसके तहत जीवन शैली को जीने की कोशिश कर रहे है।

योगेश्वर श्री कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्मे दिनेश आद्यात्मिक योग दिवस की परिकल्पना सँजोये हैं, उनसे स्वर विज्ञान और स्वस्ध्य जीवन पर चर्चा की हमारी टीम ने स्वर के अनुसार खानपान शयन भी किया जाय तो शरीर को लाभ सुनश्चित है तो वहीं हार्ट अटैक जैसी विकराल स्थितियों से बचा जा सकता है।

खेल में भी स्वर के अनुसार सकारत्मक परिणाम मिल सकते है और दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।

श्री कृष्ण की जन्मभूमि से युक्ताभ्यास, युक्त आहार का संदेश प्रसारित करने वाले दिनेश चतुर्वेदी कहते हैं।

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