मथुरा के गोवर्धन में स्मार्ट मीटर बने मुसीबत, बिना मैसेज कटी बिजली, महिलाओं का बिजली घर पर हंगामा
गाजियाबाद के आरकेजीआईटी कॉलेज के फेस्टिवल में गायिका सुनंदा के करीब पहुंचा छात्र, किया छूने का प्रयास
वर्ष 2014 से पहले गोल्ड मोहर गुटखा एक रुपए का आता था, आज उसकी कीमत ₹6 है, ₹5 कौन ले गया, सरकार?
यह वक्त खोने का नहीं, यह वक्त सोने का नहीं, जागो वतन खतरे में है, सारा चमन खतरे में है, फूलों के चेहरे जर्द हैं
जिन्हें अच्छा समझ कर रखा, उन्होंने अच्छा नहीं किया तो बनने की कोशिशें चाहे जितनी कर लें, अच्छे बन नहीं पाएंगे
आईटी एक्ट के नए प्रावधानों के जरिए हर ख़ास-ओ-आम के मोबाइल पर अपना आधिकारिक अधिकार चाहती सत्ता
अपने मतभेद हम बाद में मिटा लेंगे, फिलहाल पत्रकारिता बचाने का समय है, सब लें प्रण- "हम बचाकर ही दम लेंगे!"
पत्रकारिता रहेगी, तभी लोक तंत्र रहेगा, लोकतंत्र का अर्थ होता है जनता की सरकार, जनता के द्वारा, जनता के लिए
यानि कि जनता के बीच से निकले लोगों द्वारा ही सत्ता संचालन, क्या ऐसा प्रतीत होता है, देश में ऐसा हो रहा है?
टीटीआई के पास बहुत पहले कहां से आ जातीं गहरी सच्चाईयां? "अंतर्मन में आ बंसीवारे को बताता बंसीवारा!"
आज का गुनगुनाता शेर- बहुत पहले से इन कदमों की आहट जान लेते हैं, तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं
हैकिंग/ट्रैकिंग के दौर में किसी की निजता सुरक्षित नहीं, है याद, क्या कहा था एक युवा ने, जो आया था टीटीआई पर?
नहीं याद है तो कर लो यह याद, युवा ने कहा था- "हम क्या सुरक्षित, जब हमारा मोबाइल फोन तक ही नहीं सुरक्षित?"
टीटीआई ने बताई सच्चाई- मोबाइल आपका, चलाता कोई और है, जो चोरी-छिपे कर रहे हैं, वो खुलके करना चाहते हैं
दिखने और लिखने में तो दो-चार दिखते हैं मगर ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की संख्या असंख्य है, जो मिटा दिए गए
विरोध करने का माद्दा हर एक में नहीं होता बहुत सारे गम सहकर चुप रह जाते हैं, मिट जाते हैं, कुछ कह नहीं पाते हैं
टीटीआई न्यूज़ ने दिखाई मंदिरों में चलने वाले लूट के ठेकों की सच्चाई, बर्बाद करने को ठेकेदारों के संग सरकार आई
आज का महा विचार- जो गोद में बैठे बच्चे थे, वह अब बड़े हो गए हैं, सब समझ गए हैं, गोद में क्यों बैठाया गया था?
जिन मुद्दों से काफी पहले से सभी को करता आ रहा सजग टीटीआई न्यूज़, वही सारे मुद्दे अब सबके सामने आ रहे हैं
सच्चाई उजागर करने वाले मीडिया से मानती अपनी दुश्मनी सरकार, क्या-क्या गुल खिलाए? सब सच सामने आएंगे!
चाहे कोई गोद में बैठा हो या कोई सड़क पर रहा हो टहल, कोई मीडिया कर्मी आपस में न उलझे, सरकार को समझे
मौके की नजाकत को समझे, एक दूसरे को दुश्मन न समझे, फूट डालो और राज करो वाली अंग्रेजों की राजनीति समझे
यह सिर्फ और सिर्फ अपने ही मन की बात करना चाहती, इस सरकार को दूसरे के मन की बात बिल्कुल नहीं सुहाती
गोद में बैठा मीडिया नहीं रहा अब मेंस मीडिया इसलिए सोशल मीडिया को लेकर लगातार बेहद चिंतित सरकार
सोशल मीडिया का अर्थ होता है समाज का मीडिया, समाज के मीडिया पर भी अपना पूर्ण अधिकार चाहती सरकार
कालिंदी को पुष्टिमार्ग में गुरु का दर्जा प्रदान किया गया है, गुरु रूपेण भगवती कालिंदी का हम विशेष वंदन करते हैं
श्री यमुना जी का नीलांजन, श्री कृष्ण का नीलांजन है, कालिंदी कृष्ण स्वरूप, चतुर्थ पटरानी है, दोनों के स्वरूप में एकत्व है
जीवन में कोई न कोई ऐसा व्यक्तित्व होना चाहिए, जिसके आगे झुक कर हम कृतार्थ हों -श्री शरणानंद जी महाराज
सोशल मीडिया का भयंकर जाल बिछाकर जीतती आई सरकार, अब दिख रही हार, शिकंजा कस रही सरकार
सोशल मीडिया पर कसे जा रहे सरकारी शिकंजे को लेकर देश भर के पत्रकारों और जनता में पनप रहा आक्रोश
मोदी सरकार को उखाड़ फेंके बगैर सच्ची पत्रकारिता नहीं हो सकती, स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारों की प्रबल राय
यह विश्लेषण सत्य कि 2014 के बाद से भारत में महंगाई अपने चरम पर, रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम आसमान पर
नव संवत्सर 2083 की हार्दिक शुभकामनाएं शंकर मिठाई वाला एवं शंकर फूड्स तिलक द्वार मथुरा उत्तर प्रदेश भारत
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