आपातकाल के 51वें वर्ष पर लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का सम्मान

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आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ संविधान हत्या दिवस एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी सम्मान समारोह

कुर्सी बचाने के लिए छीन लिए गए थे नागरिकों के मौलिक अधिकार: लक्ष्मी नारायण

संविधान का नाटक करने वालों के पूर्वजों ने ही घोंटा था लोकतंत्र का गला: श्रीकांत शर्मा


मथुरा। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल के 51वें वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मथुरा महानगर (ब्रजक्षेत्र) के तत्वावधान में गुरुवार को परिणय गार्डन, मसानी लिंक रोड, मथुरा में संविधान हत्या दिवस समारोह एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी सम्मान समारोह  का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, विधायक श्रीकांत शर्मा, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव, जिलाध्यक्ष निर्भय पांडे, विधायक मेघश्याम सिंह तथा विश्व हिंदू परिषद प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य वक्ता कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि एक अदालती फैसले से अपनी सत्ता डगमगाती देख तत्कालीन प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए थे।उन्होंने कहा कि उस दौर में न्यायपालिका से लेकर प्रेस की स्वतंत्रता तक पर ताला जड़ दिया गया था। कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का रहा है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि वर्तमान में जो लोकतांत्रिक वातावरण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता उन्हें प्राप्त है, उसके पीछे लोकतंत्र सेनानियों का त्याग, संघर्ष और बलिदान निहित है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि अति-आत्मविश्वास से बचते हुए धरातल पर रहकर प्रत्येक बूथ को अभेद्य किला बनाना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी तानाशाही प्रवृत्तियां दोबारा सिर न उठा सकें।मुख्य विशिष्ट अतिथि पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं विधायक श्रीकांत शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 स्वतंत्र भारत के इतिहास का वह काला दिन है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ और सत्ता की हवस में डूबी तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने रातों-रात पूरे देश को जेलखाने में बदल दिया था।श्रीकांत शर्मा ने कहा कि आज जो लोग संसद से लेकर सड़क तक हाथ में संविधान की प्रति लेकर लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, वास्तव में उनके ही राजनीतिक पूर्वजों ने इस देश के लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटने का काम किया था। लोकतंत्र सेनानी विनोद टैटिवाल ने मंच से भावुक स्वर में कहा हमारा कसूर सिर्फ इतना था कि हम भारत माता की जय बोलते थे और तानाशाही का विरोध करते थे। मीसा और डीआईआर जैसे काले कानूनों के तहत हमें जेलों में ठंसा गया, बर्बर यातनाएं दी गईं, लेकिन राष्ट्रभक्तों के हौसले डिगे नहीं। आज भाजपा संगठन और सरकार ने जो हमें 'लोकतंत्र रक्षक सेनानी' का गौरव और सम्मान दिया है, यह देश के वास्तविक लोकतंत्र का सम्मान है। वहीं मीडिया प्रभारी ने बताया 
पुरुषोत्तम सिकरवार महेंद्र कुमार अग्रवाल बनवारी लाल शर्मा नवाब सिंह श्रीमती रेखा शर्मा पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग विजय बहादुर राजेश कुमार मंगला गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी राधा कृष्णा खंडेलवाल गौरीशंकर अस्थाना रोशन लाल बांकेलाल अगवाल
सहित 101 लोकतंत्र सेनानियों का स्वागत सम्मान किया गया । वहीं उन्होंने बताया आगरा  फिरोजाबाद हाथरस से लोकतंत्र सेनानी मथुरा पहुंचे थे संचालन महामंत्री ज्ञानेंद्र राणा ने किया। इस अवसर पर  सुल्तान सिंह सरकार,निरंजन सिंह धनगर, रोशन लाल,पूर्व विधायक श्याम सिंह अहेरिया, पूर्व महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु, डॉ. देवेंद्र शर्मा,वीरेंद्र अग्रवाल ,महामंत्री कुंज बिहारी चतुर्वेदी राम किशन पाठक ललित गौतम दीपक गोला पूजा चौधरी जिला मीडिया प्रभारी श्याम शर्मा मलय सिंह राठौर योगेश आभा बलराम शर्मा मनोज सौनोठ संजय शर्मा चंद्रपाल कुंतल कल्पना गर्ग सुनीता उपाध्याय  आकाश चौधरी अनिल चौधरी विजय शर्मा कुलदीप शर्मा आशीष शर्मा पंकज चतुर्वेदी नितिन चतुर्वेदी अमित पाठक सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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