एक सप्ताह में स्कूली वाहन प्रपत्र करें पूरे, नहीं तो स्कूल प्रबंधनों के विरुद्ध होगी एफआईआर

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मथुरा। 01 जुलाई 2026

वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन राजेश राजपूत ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश शासन और परिवहन आयुक्त कार्यालय के निर्देशानुसार आज से जनपद मथुरा में स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए "मिशन सेफ फ्यूचर" अभियान का आगाज हो गया है। इस अभियान के तहत बिना फिटनेस, बिना परमिट और निर्धारित सुरक्षा मानकों की अवहेलना करने वाले स्कूली वाहनों पर बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ए०आर०टी०ओ० (प्रवर्तन) श्री राजेश राजपूत ने जनपद के समस्त स्कूल संचालकों/प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि परिवहन विभाग के डेटाबेस और 'इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल' की समीक्षा के दौरान यह पाया गया है कि जनपद के विभिन्न विद्यालयों के 70 स्कूली वाहनों के परमिट समाप्त हो चुके हैं तथा 76 स्कूली वाहनों की फिटनेस की अवधि समाप्त हो चुकी है। समस्त स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को सचेत किया जाता है कि वे जुलाई के प्रथम सप्ताह (7 जुलाई 2026) तक अनिवार्य रूप से अपने इन सभी डिफ़ॉल्टर वाहनों के प्रपत्र (फिटनेस, परमिट, टैक्स, बीमा आदि) शत-प्रतिशत पूर्ण करा लें। यदि निर्धारित अवधि के भीतर वाहनों के प्रपत्र वैध नहीं पाए गए, तो 8 जुलाई से 15 जुलाई के बीच चलने वाले सघन चेकिंग अभियान में ऐसे वाहनों को तत्काल निरुद्ध (Seize) और चालान करने की कार्यवाही की जाएगी। बार-बार सचेत करने के बावजूद यदि कोई विद्यालय बिना परमिट और बिना फिटनेस के अवैध रूप से स्कूली बच्चों का परिवहन करता पाया गया, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध एफ०आई०आर० दर्ज कराने के साथ-साथ विद्यालय की मान्यता निरस्त करने की संस्तुति शिक्षा विभाग को भेज दी जाएगी।

ए0आर0टी0ओ0 (प्रवर्तन) श्री राजेश राजपूत ने स्कूली छात्र-छात्राओं के माता-पिता और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय केवल स्कूल प्रबंधन पर ही निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं भी जिम्मेदारी निभाएं, अभिभावक अपने बच्चों को वाहन से स्कूल भेजने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि जिस वाहन से उनका बच्चा स्कूल जा रहा है, उसके पास वैध फिटनेस, परमिट और इंश्योरेंस मौजूद है या नहीं, गाड़ी के टायर, खिड़की, गेट के लॉक और ओवरलोडिंग (क्षमता से अधिक बच्चे बैठना) की स्थिति को खुद अपनी आंखों से देखकर ही बच्चे को वाहन में बिठाएं। किसी भी अनफिट या डग्गामार निजी वाहन में बच्चों को न भेजें। यदि कोई वाहन असुरक्षित दिखे, तो तुरंत इसकी शिकायत स्कूल प्रबंधन और परिवहन विभाग से करें।

परिवहन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी प्रत्येक स्कूल में जाकर स्वयं स्कूली वाहनों की वस्तुस्थिति का भौतिक सत्यापन करेंगे। इस अभियान में पुलिस, यातायात पुलिस और शिक्षा विभाग का भी पूर्ण समन्वय रहेगा।

श्री राजेश राजपूत ने यह भी कहा कि "बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके सुरक्षित परिवहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को तब तक नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक उनके सारे प्रपत्र वैध नहीं हो जाते।"

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