पोक्सो अधिनियम-2012 के प्रति छात्राओं को किया जागरूक

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पोक्सो अधिनियम-2012 के प्रति छात्राओं को किया जागरूक

उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार बाल संरक्षण से सम्बंधित कानूनी ढाँचे के बारे में किशोर-किशोरियों में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी की जयन्ती के अवसर पर जनपद के समस्त विद्यालयों में पोक्सो अधिनियम 2012 विषय पर एक विशेष जागरूकता अभियान दिनांक 25.09.2026 से 02.10.2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मथुरा द्वारा जनपद के विद्यालयों/कॉलेजों में पोक्सो अधिनियम 2012 विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर, कला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक आदि विधिक कार्य आयोजित किये जा रहे हैं।

उक्त अभियान के अंतर्गत माननीय जनपद न्यायाधीश मथुरा श्री विकास कुमार के निर्देशानुसार आज दिनांक 28.09.2026 को रोमेक्श इंटरनेशनल स्कूल, किशोरी रमण कन्या इंटर कॉलेज, आर्मी पब्लिक स्कूल, रामकली देवी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर वृन्दावन, एलाईट न्यू जनरेशन इंटरनेशनल स्कूल, राजीव इंटरनेशनल स्कूल, मथुरा में विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें अपर जिला जज श्री सन्तोष कुमार त्रिपाठी, श्री बृजेश कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे श्री सूर्यभान कुमार वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अनीता सिंह, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री वरूण कौशिक तथा सिविल जज (जू.डि.) श्री रोहित सोनी द्वारा पृथक पृथक विद्यालयों/कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं को पोक्सो अधिनियम 2012 विषय पर सरल भाषा में अवगत कराते हुए, बाल अधिकार, शिक्षा का अधिकार, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, आदि विषयों के सम्बंध में अवगत कराया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों के साथ लीगल एडं डिफेन्स काउन्सिल, पैनल अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक तथा मध्यस्थ अधिवक्ता व विधि छात्र-छात्राओं की टीम उपस्थित रहीं। उक्त आयोजित साक्षरता शिविरों में पोक्सो अधिनियम 2012 विषय पर तैयार डॉक्यूमेंट्री का छात्र-छात्राओं के मध्य प्रदर्शन कराया गया। किशोरी रमण कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा पोक्सो अधिनियम 2012 विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया।

इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य केवल कानून की धाराएं बताना नहीं बल्कि छात्र-छात्राओं को यह समझाना भी है कि किसी परिस्थिति में उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी कहाँ से और किस प्रकार मिल सकती है। विद्यालयों में न्यायिक अधिकारी के पहुँचने से विद्यार्थियों को सीधे न्यायिक व्यवस्था से जुडे अधिकारों से संवाद करने का अवसर भी मिलेगा। छात्र-छात्रायें कानून से सम्बंधित अपने सवाल पूछ सकेंगे और न्यायिक अधिकारी उन्हें कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दे सकेंगे।

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