डायरिया से घबराएं नहीं, ओआरएस और जिंक से करें बचाव

Subscribe






Share




  • States News

डायरिया से घबराएं नहीं, ओआरएस और जिंक से करें बचाव

विश्व ओआरएस दिवस पर स्वास्थ्य विभाग का संदेश
-    स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायरिया के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया

मथुरा, 31 जुलाई2026। 
विश्व ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायरिया के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से आयोजित "डायरिया से डर नहीं" अभियान के तहत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने कहा कि डायरिया से डरने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चे को दिन में दो-तीन बार पतले दस्त होने पर तुरंत ओआरएस का घोल और जिंक देना चाहिए, क्योंकि यही इसका प्रभावी उपचार है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रोहिताश सिंह ने पीपीटी के माध्यम से डायरिया की शीघ्र पहचान, ओआरएस और जिंक के सही उपयोग तथा उपचार के प्लान-ए, प्लान-बी और प्लान-सी की जानकारी दी। डीसीपीएम पारुल शर्मा ने कहा कि लोगों को ओआरएस घोल बनाने की सही विधि और उसके उपयोग की समय-सीमा के बारे में भी जागरूक करना जरूरी है, ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राम गोपाल, डॉ. भूदेव सिंह, डॉ. विकास जैन, डॉ. गोपाल बाबू, जिला मातृ स्वास्थ्य सलाहकार मुकेश गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) योगेंद्र सिंह, बेसिक शिक्षा विभाग से शैलेन्द्र त्रिपाठी, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. अनुज श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी सी.पी. मिश्रा, पीएसआई इंडिया के अजय कुमार, चोब सिंह, देवप्रिय कर सहित सभी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डायरिया से घबराएं नहीं, ओआरएस और जिंक से करें बचाव,
विश्व ओआरएस दिवस पर स्वास्थ्य विभाग का संदेश
-    स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायरिया के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया
मथुरा, 31 जुलाई2026। 
विश्व ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायरिया के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से आयोजित "डायरिया से डर नहीं" अभियान के तहत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने कहा कि डायरिया से डरने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चे को दिन में दो-तीन बार पतले दस्त होने पर तुरंत ओआरएस का घोल और जिंक देना चाहिए, क्योंकि यही इसका प्रभावी उपचार है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रोहिताश सिंह ने पीपीटी के माध्यम से डायरिया की शीघ्र पहचान, ओआरएस और जिंक के सही उपयोग तथा उपचार के प्लान-ए, प्लान-बी और प्लान-सी की जानकारी दी। डीसीपीएम पारुल शर्मा ने कहा कि लोगों को ओआरएस घोल बनाने की सही विधि और उसके उपयोग की समय-सीमा के बारे में भी जागरूक करना जरूरी है, ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राम गोपाल, डॉ. भूदेव सिंह, डॉ. विकास जैन, डॉ. गोपाल बाबू, जिला मातृ स्वास्थ्य सलाहकार मुकेश गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) योगेंद्र सिंह, बेसिक शिक्षा विभाग से शैलेन्द्र त्रिपाठी, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. अनुज श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी सी.पी. मिश्रा, पीएसआई इंडिया के अजय कुमार, चोब सिंह, देवप्रिय कर सहित सभी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

TTI News

Your Own Network

CONTACT : +91 9412277500




अब ख़बरें पाएं
व्हाट्सएप पर

ऐप के लिए
क्लिक करें

ख़बरें पाएं
यूट्यूब पर