संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें - डीएम

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विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान (1 से 31 जुलाई 2026) तथा दस्तक अभियान (11 से 31 जुलाई 2026) के संबंध में बैठक हुई संपन्न।


मथुरा 24 जून 2026/ जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह जी की अध्यक्षता में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान (1 से 31 जुलाई 2026) तथा दस्तक अभियान (11 से 31 जुलाई 2026) के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई संपन्न।
              संचारी रोग नियंत्रण के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार, दिमागी बुखार व अन्य संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, पंचायती राज, आईसीडीएस, कृषि, पशुपालन, उद्यान, ग्राम्य विकास, सिंचाई, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, सूचना एवं जनसंपर्क, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आदि विभाग मिलकर कार्य सुनिश्चित करेंगे।
          जिलाधिकारी ने कहा कि साफ-सफाई के साथ-साथ जनपदवासियों में संचारी रोगों के प्रति जागरूकता भी बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकाधिक प्रचार प्रसार एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, कचरा निस्तारण व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, शौचालय का प्रयोग, तालाबों को अपशिष्ट / प्रदूषण मुक्त रखना आदि को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने एंटी लार्वा छिड़काव कराने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में फॉगिंग व लार्वा रोधी रसायन का छिड़काव किया जाए। प्रत्येक विद्यालय में बच्चों को जागरूक किया जाए। आशा/आंगनवाड़ी घर-घर सर्वे कर बुखार के रोगियों की पहचान व तत्काल जांच-उपचार कराए।
           जिलाधिकारी ने जनता से अपील की कि घरों में कूलर, गमले, टायर व टंकी में पानी जमा न होने दें। पूरी बांह के कपड़े पहनें व मच्छरदानी का प्रयोग करें। जिलाधिकारी ने कहा कि “बीमारी का इलाज जरूरी है, पर बचाव सबसे बेहतर है।” सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि जनपद को संचारी रोग मुक्त बनाया जा सके।
           दस्तक अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार हेतु सन्दर्भन, आशा एवं ए0एन0एम0 कार्यकत्रियों के सहयोग से अपने क्षेत्र में संवेदीकरण, आंगनबाड़ी केंद्र पर अनुपस्थित बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी एकत्र कर ज्वर, दस्त रोग इत्यादि से पीड़ित होने की स्थति में नियंत्रण एवं रोकथाम गतिविधियों के संचालन हेतु निकटतम चिकित्सा ईकाई को पीड़ितों के सम्बन्ध में अवगत कराना, किसी क्षेत्र में छात्रों में उक्त रोगों की क्ल्सटरिंग होने की स्थिति में स्थानीय आशा, ए0एन0एम0, आर0बी0एस0के0 टीम इत्यादि के माध्यम से त्वरित रूप से सूचना स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराना।
            आंगनवाड़ी केंद्र पर ओ०आर०एस० तथा जिंक टेबलेट हेतु डिपो की व्यवस्था, दस्त रोग के दौरान ओ०आर०एस० और जिंक टेबलेट के उपयोग पर जनमानस का संवेदीकरण, पिछले 3-4 माह के दौरान डायरिया से प्रभावित 5 साल से कम उम्र के बच्चों (आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित) की सूची बनाकर एचआरजी की पहचान में मदद करना का कार्य किया जाएगा।
             इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 पूजा गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 राधावल्लभ, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ0 नीरज अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विशाल कुमार, समस्त एमओआईसी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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