यमुना घाटों के विस्तार, नवीनीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य की धीमी प्रगति पर मंत्री ने जताई नाराजगी, लगाई फटकार

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मथुरा। 24/04/2026

मंत्री, जलशक्ति विभाग ऊ०प्र० स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आहूत हुई जिसमें वृंदावन स्थित नदी घाटों का विस्तार, नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण की परियोजना, मथुरा स्थित घाट और वृंदावन स्थित हरगूलाल गूल आदि कार्य परियोजनाओं की समीक्षा की गयी। मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कार्य प्रगति की जानकारी भी ली।
वृंदावन स्थित नदी घाटों के विस्तार एवं सौंदर्यीकरण परियोजना की समीक्षा में संज्ञान में आया कि वृन्दावन में केसी घाट से जुगल किशोर घाट तक यमुना के किनारे विभिन्न घाटों के निर्माण हेतु सिंचाई विभाग द्वारा परियोजना निरूपित की गई थी। यू.पी.पी.सी.एल., मथुरा द्वारा कार्य कराये जाने के दौरान वर्ष 2019 में एन.जी.टी. से प्रतिबंध लग जाने के कारण कार्य 2019 से 2024 तक की अवधि में बन्द रहा। दिनांक 14.08.2024 को एन.जी.टी. ने इस प्रतिबंध को हटा दिया। दिनांक 24.08.2024 से पुनः कार्य प्रारम्भ कराया जाना था, परन्तु सिंचाई विभाग और यू.पी. पी.सी.एल. के बीच वर्तमान दरों के सम्बंध में असमंजस/अनिर्णय की स्थिति बनी रही और लगभग दो वर्ष तक यह परियोजना अधर में लटके रहने के बाद वृन्दावन में घाटों के निर्माण का कार्य पुनः जनवरी 2026 में प्रारम्भ हो सका। विगत दो वर्ष तक परियोजना में अनावश्यक विलम्ब करने पर मंत्री द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी।

वहीं वर्तमान में इस परियोजना के अन्तर्गत सिर्फ एक ही घाट पर कार्य किया जा रहा है। अप्रैल 2026 तक कार्य की भौतिक प्रगति मात्र 05 प्रतिशत है। मंत्री द्वारा कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गयी और संबंधित अधिकारियों पर फटकार लगाते हुए चेतावनी दी गई कि कार्यदायी संस्था सभी साइट पर अधिकतम श्रमिक व मशीनी उपकरण लगाकर बारिश आने से पहले कार्य को पूर्ण करे।

जनपद मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर के पास विश्राम घाट पर 700 रनिंग मीटर पुराने घाट की मरम्मत एवं 210 रनिंग मीटर नए घाट के निर्माण कार्य की समीक्षा की गयी। वर्तमान में कार्य की भौतिक प्रगति सिर्फ 10 प्रतिशत है। अक्रूर घाट विकास की परियोजना की समीक्षा में ज्ञात हुआ कि परियोजना लागत की धनराशि से स्वीकृत कर रू० 317.00 लाख रूपये प्रथम किश्त के रूप में कार्यदायी संस्था/सिंचाई विभाग को अवमुक्त किया गया है परन्तु इस सम्बंध में अभी तक टैण्डर प्रकिया भी पूर्ण नहीं की गई है। उपरोक्त परियोजना कार्यों में धीमी प्रगति एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर मंत्री द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी।  मंत्री ने मण्डल आयुक्त को निर्देश दिए कि उक्त सभी कार्यों में बरती जा रही भारी लापरवाही को लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रमुख सचिव, ऊ0 प्र0 शासन को पत्र लिखकर भेजें।
मण्डलायुक्त, आगरा मण्डल, आगरा द्वारा मंत्री, जलशक्ति विभाग, उत्तर प्रदेश को अवगत कराया गया कि वृन्दावन में वृन्दावन माइनर और हरगूलाल गूल नाम की सिंचाई कैनाल हुआ करती थी, जिससे कि पानी की आपूर्ति श्री बाँके बिहारी जी बगीची, श्री रंगजी की बगीची और अन्य कुण्डों को हुआ करती थी। परन्तु कालान्तर में शहरीकरण के कारण इन गूल/माइनर में पानी आना बन्द हो गया। इनकी पुनस्थापना हेतु उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, मथुरा द्वारा डी.पी.आर. बनवाई गई परन्तु डी.पी.आर. निरूपण के बाद अग्रिम कार्यवाही नहीं हो सकी। वृन्दावन माइनर और गूल की पुनस्थापना कर वृन्दावन में बगीचिओं और कुण्डों में जलापूर्ति सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। मंत्री द्वारा विचारोपरान्त सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गये कि मथुरा-वृन्दावन में इन पुरानी माइनरों और गूलों को पुर्नस्थपित करने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कर परियोजना बनाई जाए। जिससे कि प्रचीन बगीचियों और कुण्डों को पूर्व की तरह जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके। सभी अभियन्ता इस पुनीत कार्य को पूर्ण मनोयोग से करें। मंत्री द्वारा निर्देश दिए गए कि उक्त सभी में प्रत्येक माह समीक्षा की जाएगी। समीक्षा बैठकों में समस्त सम्बंधित अभियंता एवं मण्डलायुक्त, आगरा मण्डल, आगरा उपस्थित रहेंगे। अतः तद्नुसार समीक्षा बैठक की तैयारी हेतु सिंचाई विभाग अग्रिम तैयारी रखे।

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